बॉलीवुड की जानी-मानी प्लेबैक सिंगर श्रेया घोषाल ने हाल ही में अपने शुरुआती करियर और कमाई को लेकर एक दिलचस्प जानकारी साझा की है। एक हालिया इंटरव्यू के दौरान श्रेया ने बताया कि उन्होंने महज 13 साल की उम्र से ही इनकम टैक्स भरना शुरू कर दिया था। बहुत कम उम्र में सिंगिंग रियलिटी शो जीतने और उसके बाद स्टेज शोज करने की वजह से उनकी कमाई काफी जल्दी शुरू हो गई थी, जिसके चलते वह इतनी छोटी उम्र में ही टैक्सपेयर बन गई थीं।
‘सा रे गा मा’ से मिली पहली बड़ी सफलता
श्रेया घोषाल ने 90 के दशक में जी टीवी के लोकप्रिय शो ‘सा रे गा मा’ के चिल्ड्रन स्पेशल एपिसोड में हिस्सा लिया था। इस शो में अपनी जादुई आवाज से उन्होंने न केवल दर्शकों का दिल जीता, बल्कि शो की विजेता भी बनीं। ट्रॉफी जीतने पर उन्हें एक सम्मानजनक पुरस्कार राशि मिली थी। शो के बाद उन्हें लगातार स्टेज परफॉर्मेंस और शुरुआती म्यूजिक प्रोजेक्ट्स के ऑफर मिलने लगे, जिससे उनकी नियमित आय शुरू हो गई। यही कारण था कि उन्हें इतनी जल्दी आयकर रिटर्न दाखिल करना पड़ा।
माता-पिता ने संभाला वित्तीय प्रबंधन
छोटी उम्र में कमाई शुरू होने के बाद श्रेया के माता-पिता ने ही उनके बैंक अकाउंट्स और टैक्स से जुड़े सारे काम संभाले। गायिका ने स्पष्ट किया कि उनके परिवार ने उन्हें कभी पैसों के हिसाब-किताब में नहीं पड़ने दिया। उनका पूरा ध्यान केवल संगीत के रियाज और पढ़ाई पर केंद्रित रखा गया। माता-पिता के सही मार्गदर्शन के कारण छोटी उम्र में आर्थिक रूप से स्वतंत्र होने के बावजूद उनका लक्ष्य कभी नहीं भटका।
संजय लीला भंसाली ने दिया बॉलीवुड में ब्रेक
टेलीविजन पर श्रेया की गायकी सुनकर फिल्म निर्माता संजय लीला भंसाली काफी प्रभावित हुए थे। ‘सा रे गा मा’ में उनके प्रदर्शन को याद रखते हुए भंसाली ने उन्हें अपनी फिल्म ‘देवदास’ में गाने का मौका दिया। ‘बैरी पिया’ और ‘डोला रे डोला’ जैसे गानों ने उन्हें प्लेबैक सिंगिंग में पूरी तरह स्थापित कर दिया। बचपन के उस एक रियलिटी शो से शुरू हुआ उनका सफर आज उन्हें उस मुकाम पर ले आया है, जहां वह कई राष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुकी हैं और भारत की सबसे लोकप्रिय गायिकाओं में शुमार हैं।