Bihar Board Class 10th ( सामाजिक विज्ञान ) Social Science Objective & Subjective For Matric Exam 2022

History important Question 2022

Bihar Board Class 10th Social Science- नमस्कारदोस्तों आज की इस पोस्ट मे Bihar Board class 10th Social Science Question 2022 की  बहुत ही important question का एक सेट दे रहा हूँ जो बोर्ड exam के लिए काफी ज्यादा उपयोगी सिद्ध होगी, सभी questions बिहार बोर्ड exam 2022 के point view से बनाया गया है –

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History ( इतिहास ) Objective Question 2022

Bihar Board Class 10th Social Science

[History  Subjective Important Question 2022]  [Total No. 2/3/5]

Bihar Board Class 10th Social Science

1. यूरोप मे राष्ट्रवाद (nationalism in europe)

Class 10th Social Science

लघु उत्तरीय प्रश्न:

Social Science Subjective Question Answer 2022 Matric Exam इस लघूत्तरीय प्रश्न मे टोटल 2 से 3 नंबर के सवाल पूछे जाते है, इसलिए इस तरह के सभी सवालों को बिल्कुल सरल भाषा मे मैंने प्रस्तुत किया है जिसको पढ़ना और समझना काफी आसान होगा। 

Q.(1)  राष्ट्रवाद क्या है? या राष्ट्रवाद से आप क्या समझते हैं? या राष्ट्रवाद का क्या तात्पर्य है?

  (What is nationalism? What do you understand by nationalism? Or what is meant by nationalism?)

उत्तर – राष्ट्रवाद एक ऐसी भावना है जो किसी विशेष भौगोलिक सांस्कृतिक या सामाजिक परिवेश में रहने वाले लोगों में एकता का वाहक बनती है। 

Q.(2)  मेजनी कौन था? (who was mazzini?)

उत्तर- मेजनी एक साहित्यकार गणतांत्रिक विचारों का समर्थक और योग्य सेनपति था, उन्होंने 1831 ईसवी मे यंग इटली नामक संस्था की स्थापना की और उन्होंने नवीन इटली के निर्माण में महत्वपूर्ण कार्य किया.

Q.(3) जर्मनी की एकीकरण की बाधाएं क्या थी?(What were the barriers to unification of Germany?)

उत्तर- जर्मनी के एकीकरण में सबसे बड़ा बाधक ऑस्ट्रिया था क्योंकि जर्मनी के कुछ राज्यों पर ऑस्ट्रिया और फ्रांस दोनों का शासन था और इन दोनों को हटाने के बाद ही जर्मनी का एकीकरण हो सकता था. 

Q.(4) 1848 के फ्रांसीसी क्रांति के कारण क्या थे? (What were the causes of the French Revolution of 1848?)

उत्तर- (A) मध्यम वर्ग का शासन पर प्रभाव। 

          (B) राजनीतिक दलों में संगठन का अभाव। 

          (C) समाजवाद का प्रसार। 

          (D) लुई फिलिप की नीति की असफलता। 

 जर्मनी के दार्शनिकों मे वहाँ के लोगों को एकीकरण के लिए प्रेरित किया और लोगों ने कुछ आंदोलन करना भी प्रारंभ किया, जिसे प्रसा और ऑस्ट्रिया ने मिलकर कुचल दिया, जिससे 1884 ईस्वी में जर्मन राष्ट्रवाद की भावना को भड़का दिया और इस क्रांति ने मेटरनिख युद्ध का अंत कर दिया। 

Q.(5)  मेटरनीख युद्ध से आप क्या समझते हैं/ मेटरनीख युद्ध क्या है?(What do you understand by Metternich War?)

उत्तर- 1815 ई. में नेपोलियन का पतन हो चुका था और वियना सम्मेलन के मेजवानी ऑस्ट्रिया के चांसलर मेटरनिख ने किया था,जो घोर प्रतिक्रियावादी थे, वियना सम्मेलन को नेपोलियन युग का अंत और मेटरनिख का  शुरुआत सम्मेलन समझाया गया,1848 ई. तक मेटरनिख युग माना जाता है।

Q.(6) गैरीबाल्डी के कार्यो की चर्चा करें?(Discuss the works of Garibaldi?)

उत्तर- गैरीबाल्डी पेशे से एक नाविक था,वह मैजिनी के विचारों का समर्थक था उसने अपने सेवकों एवं समर्थकों की सशक्त सेना बनाई और इटली के सिसली और नेपल्स पर आक्रमण कर दिया उसको जीतकर विक्टर एमैनुएल को वहां का शासन नियुक्त किया,साथ ही साथ वह रोम पर भी आक्रमण करना चाहता था, लेकिन काबुर ने गैरीबाल्डी के इस अभियान का विरोध करते हुए इसकी जानकारी वहाँ के शासक को दे दिया ,जिससे रोम मे सैनिक शक्ति बढ़ा दी गई और गैरीबाल्डी ने आक्रमण नहीं किया तथा अपना सबकुछ राष्ट्र के नाम समर्पित कर एक किसान की भांति जीने लगा।

Q.(7) यूरोप में राष्ट्रवाद को फैलाने में नेपोलियन बोनापार्ट किस तरह सहायक हुआ?(How did Napoleon Bonaparte help in spreading nationalism in Europe?)

उत्तर- यूरोप में नेपोलियन बोनापार्ट राष्ट्रवाद के उदय में सहायक माना जाता है क्योंकि उन्होंने यूरोप के कई राज्यों को अपने अधीन कर लिया था और कई राज्यों पर हमला किया करता था इसलिए वहां के लोगों को नेपोलियन के प्रति गुस्सा था जिससे उनके अंदर राष्ट्रवाद की भावना भड़क गई। 

Q.(8) जुलाई 1830 की क्रांति का विवरण दें?(Give details of the revolution of July 1830)

उत्तर- चाल्स X एक निरंकुश एवं प्रतिक्रियावादी शासक था, जिसने फ्रांस में उभर रही राष्ट्रीयता तथा जनतंत्र वादी भावनाओं को दबाने का कार्य किया इसलिए वहाँ की जनता ने शासक के खिलाफ शड़यंत्र  रचने का प्रयास किया, जिस पर राजा ने  सभी का गला घोंटने का आदेश दिया। इस आदेश के विरोध मे जून और जुलाई महीने मे पेरिस मे गृहयुद्ध आरंभ हुआ जिसे जुलाई 1830 की क्रांति कहा जाता है। इससे चाल्स X को फ्रांस की राजगद्दी त्यागकर इंग्लैंड पलायन कर गया । 

Q.(9) बिलियन 1 के वगैर जर्मनी का एकीकरण बिस्मार्क के लिए असंभव था,कैसे ?

(Unification of Germany was impossible for Bismarck without 1 billion, how?)

उत्तर- बिलियन फर्स्ट ने जर्मन राष्ट्रों को एकता के सूत्र में बांधने का प्रयास किया लेकिन यह सफल नहीं हो सका इसलिए उन्होंने महान कूटनीतिज्ञ बिस्मार्क को अपना चांसलर नियुक्त किया जिसके बाद बिस्मार्क ने जर्मनी का एकीकरण का मार्ग प्रसस्त किया, इसलिए हम कह सकते है की बिलियन फर्स्ट के बिना बिस्मार्क भी जर्मनी का एकीकरण नहीं कर सकता है।  

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न:

Class 10th Social Science

Q.(1) जर्मनी के एकीकरण में बिस्मार्क की भूमिका का वर्णन करें?(Describe the role of Bismarck in the unification of Germany?)

उत्तर- जर्मनी के एकीकरण में बिस्मार्क का महत्वपूर्ण भूमिका रहा है वह एक सफल कूटनीतिज्ञ था वह निरंकुश राजतंत्र का समर्थन करते हुए जर्मनी के एकीकरण में जुट गया। उन्होंने जर्मनी जर्मन एकीकरण के लिए सैन्य शक्ति को बढ़ावा देते हुए रक्त एवं लौह की नीति का अवलंबन किया। बिस्मार्क ने अपनी नीतियों से प्रशा का शुद्धीकरण किया उन्होंने आस्ट्रिया के साथ मिलकर डेनमार्क पर आक्रमण कर दिया और जीत के बाद श्लेसविंग  एवं हाल्सटाइन के राज्यों के मुद्दे को लेकर प्रशा से संधि लेकर आस्ट्रिया को 1866 ई. मे प्रशा के खिलाफ सेडोवा युद्ध मे आस्ट्रिया पराजित हुई। इस तरह जर्मन एकीकरण की दो तिहाई हिस्सा हो गया तथा शेष जर्मनी के एकीकरण के लिए फ्रांस को जर्मनी से हटाना आवश्यक था । इसलिए बिस्मार्क ने जर्मनी के सभी लोगों को आंदोलन के लिए प्रेरित कर 19 जून 1870 को युद्ध की घोषणा कर दी तथा 1871 ई. को फ्रैंकफर्ट संधि द्वारा दोनों राष्ट्रों के बीच शांति स्थापित हुआ और 1871 ई. में जर्मनी का एकीकरण संभव हो गया। 

Q.(2)  इटली के एकीकरण में मेजनी ,काउंट काबूर और  गैरीबाल्डी के योगदानों की चर्चा करें?

(Discuss the contributions of Mazzini, Count Cabur and Garibaldi in the unification of Italy.)

उत्तर- इटली के एकीकरण में इन तीनों की महत्वपूर्ण योगदान रहा है

मेजनी: मेजनी साहित्यकार गणतांत्रिक विचारों का समर्थक और योग्य सेनापति था उनमें आदर्शवादी गुण अधिक थे और व्यवहारिक गुण कम थे 1831 ई. में उन्होंने यंग इटली नामक संस्था की स्थापना की जिसने इटली के निर्माण में महत्वपूर्ण कार्य किया 1848 ई. में मेटरनिख युग के अंत के बाद मेजनी का आगमन आरंभ हुआ उन्होंने इटली के आम जनता को जागरूक करके जनवादी आंदोलन आरंभ किया लेकिन  ऑस्ट्रिया ने इस आंदोलन को कुचल दिया तथा मेजनी को इटली से पलायन करना पड़ा। 

काउंट काबूर: काउंट काबूर एक सफल कूटनीतिज्ञ एवं राष्ट्रीय वादी नेता था वह इटली के एकीकरण के लिए सबसे बड़ी बाधा ऑस्ट्रिया को मानता था इसीलिए उसने ऑस्ट्रिया को पराजित करने के लिए फ्रांस से संधि कर लिया और 1853 में क्रीमिया युद्ध में ऑस्ट्रिया को इटली से बाहर कर दिया, साथ ही साथ नेपोलियन III से संधि कर लिया अब वह फ्रांस को इटली से निष्क्रिय करना चाहता था, तथा उन्होंने सभी जनता का समर्थन प्राप्त करके फ्रांस को भी निष्क्रिय कर दिया और राष्ट्रवाद की भावना को जागृत किया इस तरह इटली से सभी को बाहर कर इटली का एकीकरण का मार्ग प्रशस्त किया। 

गैरीबाल्डी: गैरीबाल्डी पेशे से एक नाविक था। जिसने अपने कर्मचारियों एवं सेवकों की शसक्त सेना का निर्माण किया था अपने सैनिकों को लेकर सिसली तथा नेपल्स पर आक्रमण कर दिया जिसे जीतकर विक्टर एमैनुएल को वहाँ का शासक घोषित किया था वह रांग पर भी आक्रमण करना चाहता था। परंतु काबुर ने इस अभियान का विरोध करते हुए इसकी जानकारी वहाँ के शासक को दे दिया , जिससे वहाँ की सैनिक शक्ति बढ़ा दी और गैरीबाल्डी ने अपना सर्वस्व राष्ट्र के नाम कर के एक किसान की भांति जीने लगा। 

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